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इज़हार, इकरार, इंकार और सबसे मुश्किल होता है इंतज़ार।
जिसमें क्या परिणाम होगा ये वो भी नहीं जानता
जो कर रहा होता है ये खुद से करार।
अगर मन का हुआ तो इंतज़ार सफल
और न हुआ तो आप सफल,
क्योंकि किया आपने भरोसा अपने इंतजार पे,
जो आप अपने साथ रखेंगे सालो- साल।
कुछ मिले, कुछ भी खोये...पर कभी ना खोयेगा
उस इंतज़ार में हुआ "खुद से प्यार" !!
साधना

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