क्या हम त्रेता युग में है
सामने राम लल्ला भी है।
लालाजी है लालाजी है
क्या हम त्रेता युग में है
सामने राम लल्ला भी है ।
लालाजी है लालाजी है
कही महान भाव निकल गए
युग युग जाने बीत गए
खुश नसीब हम भी तुम है
आंखे कितना पावन है
खुश नसीब हमभी तुम है ।
आंखे कितना पावन है ।।
क्या हम त्रेता युग में है
साम ने राम लल्ला भी है ।
लालाजी है लालाजी है
क्या हम त्रेता युग में है
सामने राम लल्ला भी है ।
लालाजी है लालाजी है।।
सुनते पड़ते राम लल्ला थे
हंसता मुखड़ा सामने है
होंठों पे संकट हारता हसी है
आंख में धन्य दया गुण है ।
होंटोपे संकट हारता हसी है
आंख में धन्य दया गुण है ।।
क्या हम त्रेता युग में है
सामने राम लल्ला भी है ।
लालाजी है लालाजी है
क्या हम त्रेता युग में है
सामने राम लल्ला भी है ।
लालाजी है लालाजी है ।।
जीना सीखते राम कथा से
राम राज्य फिर बनजाए
दुष्ट को शिक्षा शिष्ट को रक्षा ।
हम पवन यह जन्मे हैं ।।
दुष्ट को शिक्षा शिष्ट को रक्षा ।
हम पवन यह जन्मे हैं ।।
क्या हम त्रेता युग में है ।।
सामने राम लल्ला भी है ।
लालाजी है लालाजी है ।।
क्या हम त्रेता युग में है ।।
सामने राम लल्ला भी है ।
लालाजी है लालाजी है ।
कर्म से जन्मे सुधर जाना है
मा और धरती कोटि प्रणाम
मनुज जनम यह अंतिम है ।
अयोध्या नगरी फिर से आए
दर्शन देकर धन्य बनाए।।
अयोध्या नगरी फिर से आए
दर्शन देकर धन्य बनाए।।
क्या हम त्रेता युग में है
सामने राम लल्ला भी है।
लालाजी है लालाजी है
क्या हम त्रेता युग में है
सामने राम लल्ला भी है ।
लालाजी है लालाजी है
डा. कुमुदासुशील शिवमोगा कर्नाटक
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